(एम पी ग्रामीण न्यूज़ मदन बैरागी महागढ़)
आयोजन के मुख्य कथा वाचक पं. ललित राजपुरोहित (महागढ़ वाले) उनके मुख से प्रवाहित मानस प्रसंगों, भजनों और भगवान राम-हनुमान के चरित्र चित्रण ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। पंडित जी ने धर्म, सदाचार और भाईचारे का संदेश देते हुए उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।भव्य कलश यात्रा से शुरू, पूर्णाहुति के साथ समापन
कथा की शुरुआत 29 मार्च को बिलेश्वर महादेव मंदिर से खेड़ापति बालाजी मंदिर तक निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई थी। आज दोपहर में मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ की पूर्णाहुति दी गई। उसके बाद दोपहर 3 बजे गांव के मुख्य चौराहे से शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु नाचते-गाते जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। शाम 7 बजे खेड़ापति बालाजी मंदिर प्रांगण में महाआरती के बाद भंडारे में महाप्रसाद वितरण हुआ, जिससे सभी ने धर्म लाभ लिया।ग्रामवासियों का कहना है कि हनुमान जन्मोत्सव पर ऐसे आयोजन गांव में सुख-समृद्धि और आपसी एकता को मजबूत करते हैं। यह कथा न केवल महागढ़ बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए स्मरणीय बन गई।