Banner
खबरे एवं विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे मदन बैरागी, Mob +91 8720014588
]]>
खबरे एवं विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे मदन बैरागी, Mob +91 8720014588

अखिल भारतीय संत समिति, धर्म समाज पुजारी मध्यप्रदेश की प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न हुई

(एम पी ग्रामीण न्यूज़)

भोपाल, 

राजधानी भोपाल में आज कोदण्ड समरसता संत समागम का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें अखिल भारतीय संत समिति, धर्म समाज पुजारी मध्यप्रदेश की प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में समाज, संस्कृति और धर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर संत–महात्माओं ने गंभीर मंथन कर शासन से ठोस कदम उठाने का निवेदन किया।

संत समाज ने गौ संरक्षण, मठ–मंदिरों की भूमि, संत–महात्माओं की जीवन से जुड़ी समस्याओं तथा समिति के स्थायी कार्यालय की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर अपनी स्पष्ट मांगें रखीं। संतों ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक भावना से जुड़ा विषय नहीं बल्कि शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। प्रायः मार्गों पर गौवंश विचरण करते हैं, जिससे दुर्घटनाएँ होती हैं और गौमाता असुरक्षित रहती हैं। समिति ने सुझाव दिया कि तहसील से लेकर जिला स्तर तक शासन द्वारा गोबर और गोमूत्र की खरीद व्यवस्था बनाई जाए, जिससे गौ सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था हो सके।

इसी प्रकार संत समाज ने मठ–मंदिरों की भूमि का स्थायी पट्टा देने की मांग की। 1998 से अब तक सरकारी भूमि पर बने मठ–मंदिरों का सीमांकन कर उन्हें स्थायी पट्टा प्रदान किया जाए और साधु–संतों को किसान सुविधाओं से जोड़ा जाए। इसके अलावा मठ–मंदिरों की भूमि की नीलामी पर स्थायी रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे धार्मिक स्थलों की पवित्रता और निरंतरता बनी रहे।

समिति ने यह भी निवेदन किया कि अखिल भारतीय संत समिति के कार्यालय हेतु भोपाल में उचित मूल्य पर भूमि आवंटित की जाए। इससे समिति को अपने धार्मिक व सामाजिक कार्य अधिक सशक्त रूप से संचालित करने में सुविधा होगी। साथ ही संतों ने मठ–मंदिर सलाहकार समिति के पुनर्गठन की मांग की ताकि संत समाज पुजारी की समस्याओं का त्वरित समाधान शासन के सहयोग से हो सके।

इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री माननीय कैलाश विजयवर्गीय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने संत समाज की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ये विषय समाज और संस्कृति की अस्मिता से जुड़े हैं और शासन इन पर गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समाज की मांगों को लेकर वे स्वयं मुख्यमंत्री जी से भेंट करेंगे और सकारात्मक निर्णय हेतु हर स्तर पर प्रयासरत रहेंगे।
कार्यक्रम की गरिमा संतों की उपस्थिति से और अधिक बढ़ी। मंच पर पूज्य संत–महात्माओं में –
पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्यजी महाराज (मावली सरकार)
पूज्य जगद्गुरु अवधेश देवाचार्यजी महाराज, प्रदेश महामंत्री, मध्यप्रदेश
परम पूज्य जितेन्द्रानन्द महाराज (देवी स्वामी) राष्ट्रीय अध्यक्ष
पूज्य महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा जी, संयुक्त राष्ट्रीय महामंत्री, अ.भा. संत समिति भारत
परम पूज्य महामंडलेश्वर रामदास महाराज, प्रदेश अध्यक्ष, संत समिति संयोजक श्री भगवान दास 
महंत स्वामी अनिलानंद महाराज, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, मध्यप्रदेश
पूज्य महंत हनुमानदास महाराज, प्रदेश महामंत्री
 उज्जैन जिला संत समिति के अध्यक्ष महंत विशाल दास 
धर्म समाज के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र महंत
 धर्म समाज के मध्य प्रदेश अध्यक्ष महंत सालगराम दास धर्म समाज के उपाध्यक्ष डॉक्टर ओम बैरागी रतलाम जिला अध्यक्ष नेटवर लाल व्यास उज्जैन जिला अध्यक्ष नितिन शर्मा
 नीमच जिला बलराम सियाराम शर्मा अशोक दास विजय जोशी गोपाल दास संजय दास कमल दास 
संतों सभी जिलों से जिलों के संत पूजारियों ने भाग लिया ने एक स्वर से कहा कि ये सभी मुद्दे न केवल धर्म और संस्कृति की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित करते हैं।

 यह बैठक संत धर्म समाज पूजारी की ऐतिहासिक एकजुटता का प्रतीक रही। इसमें लिये गए संकल्प निश्चित ही समाज और संस्कृति को नई दिशा देंगे।