नीमच। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन जब इसी स्तंभ पर प्रहार होता है, तो न्यायपालिका ढाल बनकर खड़ी होती है। नीमच के बहुचर्चित 'गुप्ता नर्सिंग होम' मारपीट कांड में 8 साल बाद न्याय की गूंज सुनाई दी है। खबर छापने से नाराज होकर एक पत्रकार और मेडिकल स्टोर संचालक को बंधक बनाकर पीटने वाले शहर के दो नामी डॉक्टरों सहित चार लोगों को कोर्ट ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
घटना की पटकथा 7 मार्च 2018 की रात को लिखी गई थी। शहर के वरिष्ठ पत्रकार राकेश सोन ने अस्पताल में 'बच्चे बदलने' से जुड़ी एक खबर पर काम किया था। इसी बात से तिलमिलाए आरोपी डॉ. संजय गुप्ता ने पत्रकार को फोन कर चर्चा के बहाने अगले दिन अस्पताल बुलाया।
अगली सुबह (8 मार्च 2018) जब पत्रकार राकेश अपने कैमरामेन के साथ कॉलेज रोड स्थित गुप्ता नर्सिंग होम पहुंचे, तो वहां का नजारा चर्चा वाला नहीं, बल्कि खौफनाक था। डॉ. संजय गुप्ता और डॉ. सुजाता गुप्ता ने अपने केबिन में पत्रकार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि डॉ. संजय गुप्ता ने आपा खो दिया और मारपीट शुरू कर दी।
*बंधक बनाकर किया हमला, चश्मा तक टूटा*
अभियोजन के अनुसार, मारपीट के दौरान डॉ. सुजाता गुप्ता केबिन का दरवाजा बंद कर पहरा देती रहीं ताकि पत्रकार बाहर न भाग सके। इसी बीच, डॉक्टर के बुलावे पर आए दो अन्य गुर्गों—दिलीप बसेर और प्रहलाद बसेर—ने केबिन में घुसकर पत्रकार पर लात-घूसों की बौछार कर दी, जिससे उनका चश्मा तक टूट गया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी; इन गुर्गों ने बाहर स्थित नाकोड़ा मेडिकल के संचालक महावीर जैन पर भी हमला किया और उन्हें घसीटते हुए केबिन के भीतर ले आए। जब पीड़ितों के परिजन मौके पर पहुंचे, तब जाकर आरोपियों के चंगुल से उन्हें छुड़ाया जा सका।
श्रीमती अंकिता गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए एडीपीओ श्री विपिन मण्डलोई ने न्यायालय में गवाहों और सबूतों की ऐसी कड़ी जोड़ी कि आरोपियों का रसूख काम न आ सका।
*इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि सफेद कोट पहनकर कानून को ठेंगे पर रखने की अनुमति किसी को नहीं है। एडीपीओ विपिन मण्डलोई ने बताया कि 8 साल लंबे चले इस संघर्ष में अभियोजन ने अपराध को 'संदेह से परे' प्रमाणित किया। यह फैसला उन सभी के लिए सबक है जो कलम की आवाज को ताकत के दम पर दबाना चाहते हैं।*