किसानों के द्वारा काफी मात्रा में सोयाबीन की मुख्य फसल बोई जाती है।परतूं पिछले कई वर्षों से सरकार की ग़लत नीतीयो के कारण सोयाबीन उत्पादक किसानों को काफी निराश होना पड रहा है। फिलहाल मंडियों में सोयाबीन समर्थन मुल्य से भी नीचे बिक रही है,फसल का वाजिब दाम नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश है। इंडिया विथ कांग्रेस के नीमच जिलाध्यक्ष,पूर्व सरपंच गम्भीर सिंह चन्द्रावत ने बताया कि सरकार कि गलत नीतियों के कारण सोयाबीन के भाव नहीं बड़े है,वहीं किसानों द्वारा जो खेती किसानी में वस्तुएं इस्तमाल की जाती है।उनके दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है परतूं किसानों को उनकी फसल के वास्तविक दाम नहीं मिल रहे हैं। लगभग एक माह में नई सोयाबीन आने वाली है।मंडियों में 4 हजार प्रति कुंटल किसानों को दाम मिल रहे हैं जिससे किसानों कि लागत भी नहीं निकल पा रही है। श्री चन्द्रावत ने सरकार से मांग कि हे। किसानो की इस गंभीर समस्या को तत्काल हल करें।सोयाबीन का एम एस पी 4850 रूपये प्रति कुंटल निर्धारित किया है,जबकि किसानों को फिलहाल प्रति कुंटल पर 1000 से 1300 रूपये तक का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।सरकार के समर्थन मुल्य से भी नीचे बिक रहा है सोयाबीन।इसलिये सरकार को एम एस पी गारंटी कानून लागू करना चाहिये। किसानों को सोयाबीन के भाव 7 हजार रूपये कुंटल व गेहू के भाव 4 हजार रूपये कुंटल मिले इस ओर सरकार को कदम उठाना चाहिए।