मनासा
प्रदेश के पटवारी संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ एक बार फिर मुखर हो गया है। संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम मनासा तहसीलदार अजेद्र नाथ प्रजापति को ज्ञापन सौंपकर पांच सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन में बताया गया कि पटवारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी समस्याएं शासन स्तर तक पहुंचाता रहा है। 25 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान पटवारी महाधिवेशन आयोजित करने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे पटवारी संवर्ग में नाराजगी व्याप्त है।
-ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से कैडर रिव्यू लागू करने, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान में विसंगतियां दूर करने, इसके साथ ही नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा नियमित रूप से आयोजित कराने, पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करने तथा विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेय का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की गई। साथ ही कई जिलों में पटवारियों द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर भी नियमों के विपरीत कार्रवाई का आरोप लगाया गया है।
-चरणबद्ध आंदोलन की दी चेतावनी
मांगों के निराकरण नहीं होने पर पटवारी संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। 24 से 27 जुलाई तक शासकीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार किया जाएगा। 28 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार। इसके बाद 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई की जाती है, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। यदि इस दोरान आमजन को असुविधा होती है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।