महागढ़। क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री चारभुजा जी मंदिर एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, भक्ति एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।
इस पावन अवसर पर दोनों मंदिरों में भगवान का अलौकिक व मनमोहक श्रृंगार किया गया। श्री चारभुजा नाथ जी के दरबार को ताजे पुष्पों, भव्य पोशाक और भारतीय मुद्रा (नोटों) के विशेष पंखों व कलाकृतियों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिसे देखने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में माखन मटकी और रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया।
रात्रि में ठीक 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के समय महाआरती का आयोजन हुआ। शंखनाद, घड़ियाल की गूंज और 'जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी' के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं में पंजीरी महाप्रसाद वितरित किया गया।
जन्माष्टमी पर्व को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने उपवास रखकर भगवान के दर्शन किए और भजन-कीर्तन में लीन होकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।